लाइफस्टाइल डेस्क. फ्रांस के नॉरमंडी प्रांत के टापू पर बना मोंट सेंट माइकल चर्च यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल है। टापू की खोज 708 ईस्वी में बिशप औबर्ट ऑफ एवरांचेज ने की थी। 1203 में फ्रांस के राजा फिलिप द्वितीय ने नष्ट करवा दिया था। 13वीं सदी में निर्मित यह चर्च शिल्पकला का अद्भुत नमूना है। 1863 में पुनरुद्धार कर इसे ऐतिहासिक इमारत घोषित किया गया। यह चर्च पूरे यूरोप में अपने तीव्र ज्वार के लिए जाना जाता है। मध्यकाल में यह टापू समुद्र से 5 किमी दूर था। खाड़ी में गाद जमा होने की वजह से किनारा नजदीक आ गया। आज भी यह टापू महीने में दो बार पूरी तरह पानी से घिर जाता है। अमावस्या-पूर्णिमा के दौरान तो यहां 15 मीटर ऊंची लहरें उठती हैं।